Оберіть трек для відтворення
Сингл / Трек
फूलों की महक लहरों की लचक
बिजली की चुरा कर अंगड़ाई
जो सकल बनाई कुदरत ने
औरत वो यहाँ बन कर आई बन कर आई
बेटी वो बनी पत्नी वो बनी साथी वो बनी
परमेश्वर परमेश्वर माना पति को
और मंदिर में दिया बाती वो बनी
यूं इंतजार स्वामी का किया
खिड़की पे शमा सी जलती रही
वो बाहर रस रचाता रहा
ये घर में हाय सिसकती रही सिसकती रही
हाय क्यों रूठी हो जाने बहार बोलो ना
और अब होगा नहीं इंतजार बोलो ना
हाय क्यों रूठी हो जाने बहार बोलो ना
पहलो में आ जा सांसों में घुल ना
बाहों में सो जा जाम में ढल जा
पहलो में आ जा सांसों में घुल ना
बाहों में सो जा जाम में ढल जा
रात आएगी ना ये बार बार बोलो ना
हाय क्यों रूठी हो जाने बहार बोलो ना
और अब होगा नहीं इंतजार बोलो ना
और फिर आ ही गया दिन भी वो मनहूस
कि जब मर्द की प्यास ने रंग नया दिखलाया
आशिया अपना जो था हाय पराया वो हुआ
भंवरा एक और नई तितली लिए घर आया