माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर,
कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर
कबीरा मन का मनका फेर
माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर,
कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर
कबीरा मन का मनका फेर
गुरू गोविन्द दोनो खड़े, काके लागूं पाय
बलिहारी गुरू आपनो गोविन्द दियो मिलाए
कबीरा गोविन्द दियो मिलाए
गुरू गोविन्द दोनो खड़े, काके लागूं पाय
बलिहारी गुरू आपनो गोविन्द दियो मिलाए
कबीरा गोविन्द दियो मिलाए
चलती चक्की देख कर दिया कबीरा रोए
दुई पाटन के बीच में