कभी मैं फ़िल्मों में आता रहता
कभी मैं T.V. पर भी नज़र आता
कभी मैं महफ़िल पर भी छा जाता
कि मैं हूँ कौन?
कभी मैं फ़िल्मों में आता रहता
कभी मैं T.V. पर भी नज़र आता
कभी मैं महफ़िल पर भी छा जाता
कि मैं हूँ कौन?
हो, दुनिया के इस रंगमंच पर
लाखों कलाकार आते रहे
उनमें से ही हम एक हैं
अपनी कला पेश करते रहे
कभी मैं रोता, दुनिया हँसती है
कभी मैं हँसता, दुनिया रोती है
कभी मैं गाता, दुनिया गाती है
कि मैं हूँ कौन?
कभी मैं फ़िल्मों में आता रहता
कभी मैं T.V. पर भी नज़र आता
कभी मैं महफ़िल पर भी छा जाता
कि मैं हूँ कौन?
हो, कठपुतली बन फ़िल्मों में हम
सब के इशारों पर नाचा किए
रोने कहा तो रोते रहे
गाने कहा तो गाते रहे
कभी मैं प्रेमी बनके प्यार करूँ
कभी मैं hero बनके वार करूँ
कभी मैं dancer बनके dance करूँ
कि मैं हूँ कौन?
कभी मैं फ़िल्मों में आता रहता
कभी मैं T.V. पर भी नज़र आता
कभी मैं महफ़िल पर भी छा जाता
कि मैं हूँ कौन?