Оберіть трек для відтворення
वो महफिल क्या जहां रोहित सरधाणा की बात नहीं होती
तू अपनी सुरक्षा थोड़ी सी और टाइट कर लेना
या देश छोड़ के भगने को रे फ़्लाइट कर लेना
हम तेरे शहर ते गाड़ियों की लन गुजारेंगे
और जिस दिन भी मारेंगे तुझे हम कहके मारेंगे
अरे शेर ने मारण खातिर गीदड़ बैठे साठ गाठ करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले रोज पूजा-पाठ करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले खने में खाट करके (खाट करके)
शेर कते कुत्तों की रेस में दौड़ा ना करते
अपने ते कमजोर पे कद चोड़ ना करते
बदले नहीं लिए जाते अंजाम देख के
सलामी नहीं दिया करते हम नाम देख के
बार-बार ना मिले जिंदगी जीना चाहिए र ठाट करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले रोज पूजा-पाठ करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले खड़े में खाट करके (खाट करके)
जो यार की गलिया दगा करे उसे यार नहीं कहते
जिसम जंग लग जाता उसे हथियार नहीं कहते
देख तरक्की जलने वालो डूब के मर जाओ
हम सुधर रे या फिर आप सुधर जाओ
कामयाबी मिले नहीं रे कदे किसी की काट करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले रोज पूजा-पाठ करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले खने में खाट करके
शेरों केला के में आवाज नहीं करते
गुलामी करने वाले कने भी राज नहीं करते
औरत, साधु, कलाकार की जात नहीं होती
वो महफिल क्या जहां रोहित सरधाणा की बात नहीं होती
पीर-पीर ने गुरु सु मर के लिखता शब्द छांट-छांट करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले रोज पूजा-पाठ करके
मेरे नाम की रे बैरी जोत बलते
अरे सोवे साले खने में खाट करके (खाट करके)