Оберіть трек для відтворення
Сингл / Трек
ॐ नमः शिवाय
जटाटवी गलज्वल प्रवाहपावितस्थले
गलेवलम्ब्य लम्बितां भुजंग तुंग मालिकाम्
डमड्ड मड्ड डमड्ड मन्निनाद वड्ड मर्वयं
चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम
जटा कटाह संभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी
विलोलवी चिवल्लरी विराजमानमूर्धनि
धगद्धगद्ध गज्ज्वलल्ललाट पट्टपावके
किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं
हर जगह बसा है, भस्म में सजा है
कंठ में ये सर्प माला, गंगाधर जटा है
डम-डम डमरू बोले, मन से है जो भोले
गड़बड़े संसारी पाप, नेत्र तीज खोले
नेत्रधारी बोले नाथ, ऊंचा उसका ठाठ है
क्रोध में जो कर दे तांडव, देता सबको मात है
आदियोगी का ये रूप, पर्वतों पे वास है
झांक लो जो मन के भीतर, शिव तो तेरे पास है
धरा धरेंद्र नंदिनी, विलास बंधु बंधुरः
सुरदिगंत संतति, प्रमोद मान मानसे
कृपा कटाक्ष धोरणी, निरुद्ध दुर्धरापति
क्वचिद् दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनी
जटा भुजंग पिंगल स्फुरत्स्व नामणि प्रभा
कलम्ब कुंकुम द्रव प्रलिप्त दिग्वधूमुखे
मदांभ सिन्धु रस्फुरत्व गुत्तरीये दुरे
मनो विनोदमद्भुतं विभद्गुभूतभर्तते
ॐ नमः शिवाय, नमः शिवाय
शिव तो तेरे पास है
कैलाश पे सदा है जिनका वास होके योगी
डमरू बज रहा पहाड़ पे, प्रलय की रात होगी
रखे हाथ में त्रिशूल, गंग धूल है जटा में
रहता चन्द्रमा सजा सवास की, कंठवास नंदी
राज जिनके साथ है, त्रिनेत्र में जो आग है
जो क्रोध आये क्षण में ही, भस्म अनंत राग है
आकाश लोक और धरा, जो कांपे कंठ विषधरा
उसी तरह से शिव धरा है कंठ में, रे आ दिखा दू
जटाटवी गलज्वल प्रवाहपावितस्थले
कलेवलं व्यलम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्
अवद्ध-मद्ध-मद्ध-मनिनाद-वद्ध मर्वयम्
चकारचंडताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्