
आ कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
लग जाए तो
लग जाए तो, फिर पचहताए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
आँखो की थोड़ी से ग़लती
जी का बनी जंजाल
जी का बनी जंजाल
आँखो की थोड़ी से ग़लती
जी का बनी जंजाल
ना जीने मे ना मरने मे, हो जाए ये हाल
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
लग जाए तो
लग जाए तो, फिर पचहताए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
दिल का लेना दिल का देना, बात नही मामूली
बात नही मामूली
दिल का लेना दिल का देना, बात नही मामूली
सॅचा आशिक़ वो जो
हंस हंस चढ़ ना जाए सूली
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
लग जाए तो
लग जाए तो, फिर पचहताए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
सदा बिच्छाड़ते देखे जग मे
हमने रांझे हीर
हमने रांझे हीर
सदा बिच्छाड़ते देखे जाग मे
हमने रांझे हीर
जाने किस स्याही से लिख दी आहसिक़ की तकदीर
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
लग जाए तो
लग जाए तो, फिर पचहताए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना
कोई इश्क़ का रोग लगाए ना