इस चाँदनी रात में
क्या तुम यही
या ख्वाब है
बरसो से करनी हमें
क्या यह वही मुलाक़ात है
इस चाँदनी रात में
क्या तुम यही
या ख्वाब है
बरसो से करनी हमें
क्या यह वही मुलाक़ात है
आखों की तेरी अदाए कई
रात शर्मा गयी है
ज़ूलफें तेरी यह घटायें कोई
रात सजने लगी है
ज़माने हुए थे मिले
अब जाके तुम आज पहलू में हो
इस चाँदनी रात में
क्या तुम यही
या ख्वाब है
ओ ओ ओ ओ ओ
सिरहाने तेरे दिल यह रखदु मेरा
धड़कने तेरा नाम ले
तुझको दिया अब यह वादा मेरा
हाथ यह थाम लू मैं
कहानी तेरी और मेरी
लोगों की बातों में आम है
इस चाँदनी रात में
क्या तुम यही
या ख्वाब है
बरसो से करनी हमें
हा यह वही मुलाक़ात है
इस चाँदनी रात में
क्या तुम यही
या ख्वाब है