MIRZA GHALIB's GHAZAL
ALBUM • HINDOSTAA HAMARA
JAUN ELIA's GHAZAL
MATA BHAJAN
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना |Sarveshwar Dayal Saxena
ना-ख़ुदा के साथ
एहसास रह गया
ये कैसी सदी है
वो बातें याद आती हैं
मुस्कुरा कर ख़िताब करते हो
ये दुनिया अजीब है
“जब तिरे नैन मुस्कुराते हैं”
हल्का हल्का सुरूर है साक़ी
भुलाया नहीं जाता
ज़हर पिला दीजिए